प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 23 मई 2024 को बीजेपी प्रत्याशी निशिकांत दुबे द्वारा मंत्री बादल पत्रलेख औऱ हफीजुल हसन को ईडी का समन संबंधी बयान दिया गया है।
कल 6 मई को ईडी की छापेमारी में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजय लाल औऱ उसके नौकर जहांगीर के घर आवास से 35 करोड़ कैश मिलने बाद गोड्डा सासंद निशिकांत दुबे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
आज ईडी की छापेमारी को लेकर गोड्डा के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट जारी कर सांसद ने कहा, 30 करोड़ रुपए से अधिक की बरामदगी और काउंटिंग जारी।
गोड्डा संसदीय सीट से बीजेपी उम्मीदवार निशिकांत दुबे और कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप यादव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। झारखंड की सियासत में इनकी प्रतिद्वंदिता किसी से छिपी नहीं है।
गोड्डा से भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे का सोशल मीडिया पर वार जारी रहता है। समय-समय पर वह किसी ना किसी को सोशल मीडिया के जरिए निशाने पर लेते रहते हैं।
गोड्डा के निवर्तमान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने थाने से नोटिस मिलने के बाद सवाल किया है कि क्या हिंदू धर्म में जन्म लेना गुनाह है। कहा, उनको गौ माता बचाने की सजा मिल रही है।
गोड्डा के निवर्तमान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। प्राथमिकी मनोहरपुर थाने में दर्ज की गयी है। इसमें उनको पूछताछ के लिए 19 अप्रैल को तलब किया गया है।
सरैयाहाट में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए निशिकांत ने कहा था कि अगर चुनाव के दौरान ही महिला से रेप के मामले में विधायक को जेल जाना पड़ जाये, तो इससे किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिये।
गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर काफी कॉन्फिडेंट नजर आ रहे हैं। उन्होंने तो यहां तक कह दिया है कि वह इस बार चुनाव प्रचार करने के लिए मैदान में नहीं उतरेंगे।
राज्य की मौजूदा सियासी हलचल के बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने आज कहा कि ये पहला मौका है जब किसी राज्य का सीएम जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने से भाग रहा है।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि झारखंड में आने वाला 7 दिन कष्टकारी होने वाला है। निशिकांत के इस बयान के बाद राजनितिक गलियारों में एकबार फिर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।
झारखंड हाईकोर्ट से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने भाजपा सांसद दुबे के खिलाफ दर्ज चार प्राथमिकी (FIR) को रद्द कर दिया है। एफआईआर मधुपुर उपचुनाव के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिए गए बयानों के बाद दर्ज की गई थी।